नकारात्मक शक्तियों का अंत करने के लिए होता है होलिका पूजन

हिंदुओं के हर्ष उल्लास व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रमुख पर्व होली के पूर्व होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की रात्रि में किया जाता है। पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध भाग में भद्रा व्याप्त रहती है। शास्त्र के अनुसार, भद्रा में होलिका दहन वर्जित है। 

देश के तमाम शहरों में आज यानी बृहस्पतिवार को होलिका दहन किया जाएगा। लेकिन यूपी के बागपत में ऐसा भी एक गांव है, जहां पर होलिका दहन नहीं होता। बुजुर्ग बताते हैं कि दो बैल आपस में भिड़ते हुए होलिका में जल गए थे। ग्रामीण बेहद आहत हुए और फैसला किया कि गांव में कभी होलिका दहन नहीं किया जाएगा

Leave a Reply

*